शायरी लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप अक्टूबर 16, 2019 मुक्कमल तुम भी नहीं थे, मुक्कमल हम भी नहीं थे, मुक्कमल ईश्क़ भी नहीं था, मुक्कमल थे तो फ़क़त दावे । हेमा चंदानी 'अंजुलि' और पढ़ें