सच को जल्दी जान लो तो अच्छा है, चेहरों को जल्दी पहचान लो तो अच्छा है, ख़्वाबो के शहर अब छूट गए पीछे, अजनबी शहर है......... किसी का एहसान न लो तो अच्छा है । भीड़ देख के घबरा गया है नन्हा दिल, सोचता है......... अब कोई बियावान हो तो अच्छा है । हेमा 'अंजुलि'